नई दिल्ली। करीब एक महीने से रुकी हुई टेलीविजन रेटिंग (TRP) दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) की BP&L विंग ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC India) को प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन देने की सिफारिश की है। यदि मंत्रालय अंतिम मंजूरी देता है, तो BARC फिर से टीवी ऑडियंस मेजरमेंट और TRP डेटा जारी कर सकेगा।
हालांकि यह मंजूरी स्थायी नहीं होगी। BARC को TV Ratings Policy 2026 की सभी शर्तों का पालन करना होगा और जनवरी 2027 में उसके कामकाज की समीक्षा भी की जा सकती है।
TRP आखिर होती क्या है?
TRP (Television Rating Point) वह प्रणाली है जिससे यह मापा जाता है कि देश में कौन-सा टीवी चैनल या कौन-सा कार्यक्रम कितने लोग देख रहे हैं। BARC पूरे देश के चुनिंदा घरों में विशेष मीटर (People Meter) लगाकर दर्शकों की देखने की आदतों का डेटा एकत्र करता है। इसी डेटा के आधार पर साप्ताहिक रेटिंग जारी की जाती है।
सरल शब्दों में कहें तो TRP टीवी चैनलों की लोकप्रियता का आधिकारिक पैमाना मानी जाती है।
TRP रेटिंग बंद क्यों हुई थी?
BARC ने नई TV Ratings Policy 2026 के तहत 29 अप्रैल 2026 को नए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था।
इस बीच नई नीति लागू होने के कारण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 से BARC को तब तक टीवी ऑडियंस मापन और नई TRP रिपोर्ट प्रकाशित करने से रोक दिया, जब तक कि नई नीति के अनुरूप उसका रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो जाता।
यानी इस बार TRP रुकने की वजह किसी घोटाले या डेटा विवाद से नहीं, बल्कि नई नियामकीय (Regulatory) व्यवस्था के तहत अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया रही।
TRP का विज्ञापन से क्या संबंध है?
टीवी उद्योग में अधिकांश विज्ञापन खर्च (Advertising Budget) TRP के आधार पर तय होता है।
जब किसी चैनल या कार्यक्रम की TRP अधिक होती है, तो विज्ञापनदाता मानते हैं कि उसे अधिक दर्शक देख रहे हैं। ऐसे में उस चैनल पर विज्ञापन देना अधिक प्रभावी माना जाता है और वह अपेक्षाकृत अधिक विज्ञापन दर (Ad Rate) भी वसूल सकता है।
दूसरी ओर, यदि TRP उपलब्ध ही न हो, तो विज्ञापनदाताओं के लिए यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि किस चैनल पर विज्ञापन देने से उन्हें सबसे बेहतर पहुंच (Reach) मिलेगी।
यही कारण है कि TRP केवल टीवी चैनलों के लिए नहीं, बल्कि पूरे ब्रॉडकास्ट, मीडिया प्लानिंग और विज्ञापन उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विज्ञापन बाजार पर क्या पड़ा असर?
TRP डेटा बंद होने के बाद कई ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और मीडिया एजेंसियों ने मंत्रालय के सामने चिंता जताई।
ब्रॉडकास्टर्स का कहना था कि यदि लंबे समय तक रेटिंग उपलब्ध नहीं रही, तो कंपनियां अपना विज्ञापन बजट टीवी से हटाकर डिजिटल, सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर सकती हैं।
वहीं विज्ञापन एजेंसियों का तर्क था कि बिना विश्वसनीय रेटिंग डेटा के मीडिया प्लानिंग करना कठिन हो गया है, जिससे पूरे विज्ञापन उद्योग की निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
70,876 घरों तक पहुंचा BARC का नेटवर्क
24 जुलाई को मंत्रालय को भेजे अपने ईमेल में BARC ने बताया कि उसने नई नीति के अनुरूप कई महत्वपूर्ण बदलाव शुरू कर दिए हैं।
BARC के अनुसार उसका ऑडियंस मेजरमेंट पैनल बढ़कर 70,876 घरों तक पहुंच चुका है।
संस्था का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक सरकार द्वारा निर्धारित 80,000 मीटर वाले पैनल को पूरा करना है।
नई नीति के अनुसार शुरुआत में 80 हजार घरों का नेटवर्क अनिवार्य होगा। इसके बाद हर वर्ष 10 हजार नए घर जोड़े जाएंगे, जब तक यह संख्या 1.20 लाख घरों तक नहीं पहुंच जाती।
इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों, भाषाओं, बाजारों और देखने के अलग-अलग माध्यमों का अधिक संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
बोर्ड में बढ़ेगी स्वतंत्र निदेशकों की संख्या
नई नीति केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि BARC की गवर्नेंस व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर देती है।
इसी के तहत BARC ने बोर्ड में पांचवें स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि बोर्ड में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशक हों।
इसके लिए कंपनी ने अपने Articles of Association में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिस पर फिलहाल Registrar of Companies (ROC) की मंजूरी का इंतजार है।
लैंडिंग पेज की व्यूअरशिप अब TRP में नहीं जुड़ेगी
नई नीति का एक महत्वपूर्ण बदलाव Landing Page Viewership से जुड़ा है।
कई सेट-टॉप बॉक्स या स्मार्ट टीवी ऑन करते ही कोई एक चैनल स्वतः खुल जाता है। पहले इस शुरुआती व्यूअरशिप का कुछ हिस्सा रेटिंग में शामिल हो सकता था।
अब नई व्यवस्था में ऐसी डिफॉल्ट व्यूअरशिप को आधिकारिक TRP का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
BARC ने मंत्रालय को बताया है कि इसके लिए आवश्यक एल्गोरिदम का सफल परीक्षण पूरा हो चुका है। साथ ही ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया गया है, जहां वे लैंडिंग पेज से संबंधित आवश्यक घोषणाएं जमा कर सकेंगे।
दिसंबर से Connected TV (CTV) भी होगा शामिल
BARC ने Connected TV (CTV) वाले घरों को भी अपने पैनल में शामिल करना शुरू कर दिया है।
उम्मीद है कि दिसंबर 2026 से CTV व्यूअरशिप भी आधिकारिक TRP रिपोर्ट का हिस्सा बन जाएगी। यदि तकनीकी तैयारी समय से पहले पूरी हो जाती है, तो इसे निर्धारित समय से पहले भी लागू किया जा सकता है।
इसके अलावा BARC, Comscore के साथ मिलकर Linear TV, OTT और Digital Platforms की संयुक्त Cross Media Measurement System विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसका प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट अगले छह से आठ महीनों में पूरा होने की संभावना है।
मार्च में लगी रोक से अलग है यह मामला
BARC ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति को मार्च 2026 में न्यूज चैनलों की रेटिंग रिपोर्टिंग पर लगी रोक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
मार्च में इजरायल-ईरान संघर्ष की कवरेज के दौरान कथित सनसनीखेज प्रस्तुति और अटकलों को लेकर न्यूज चैनलों की रेटिंग रिपोर्टिंग पर रोक लगाई गई थी।
वर्तमान मामला पूरी तरह अलग है। इस बार TRP रुकने का कारण TV Ratings Policy 2026 के तहत नया रजिस्ट्रेशन और नियामकीय अनुपालन है।
आगे क्या होगा?
यदि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय BARC को प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन की अंतिम मंजूरी दे देता है, तो संस्था दोबारा आधिकारिक रूप से टीवी ऑडियंस मापन और TRP रिपोर्ट जारी करना शुरू कर सकेगी।
हालांकि यह अनुमति नई नीति की सभी शर्तें पूरी करने पर निर्भर रहेगी और सरकार जनवरी 2027 में इसकी समीक्षा भी करेगी। ऐसे में आने वाले महीनों में BARC के लिए तकनीकी, प्रशासनिक और गवर्नेंस से जुड़े सभी सुधार समय पर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
