आज पत्रकारिता केवल घटनाओं को कवर करने तक सीमित नहीं रह गई है। एक सफल रिपोर्टर वही है जो सोशल मीडिया की वायरल पोस्ट से आगे बढ़कर सरकारी दस्तावेज़, आधिकारिक रिकॉर्ड और विश्वसनीय स्रोतों से खबर निकालना जानता हो। बड़ी खोजी रिपोर्टें अक्सर किसी “लीक” से नहीं, बल्कि ऐसी सार्वजनिक वेबसाइटों से शुरू होती हैं, जहाँ आम लोग कम और अच्छे रिपोर्टर ज़्यादा जाते हैं।
यदि आप डिजिटल न्यूज़ पोर्टल चला रहे हैं, प्रिंट मीडिया में काम करते हैं या खोजी पत्रकारिता सीखना चाहते हैं, तो कुछ सरकारी और आधिकारिक वेबसाइटें आपकी रिपोर्टिंग को पूरी तरह बदल सकती हैं। इन वेबसाइटों की मदद से आप सरकारी घोषणाओं की पुष्टि, टेंडर और खरीद की पड़ताल, फेक न्यूज़ की जांच और पत्रकारों से जुड़े नियमों की सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आइए जानते हैं ऐसी 5 महत्वपूर्ण वेबसाइटों के बारे में, जिन्हें हर रिपोर्टर को अपनी बुकमार्क लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।
1. Press Information Bureau (PIB)
- केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज़। PIB के माध्यम से केंद्र सरकार सभी मंत्रालयों की प्रेस रिलीज जारी करती है। इस रिलीज के साथ सम्बंधित खबर के ओरिजनल फोटो और विडिओ भी यहाँ उपलब्ध रहते हैं। यहाँ से प्राप्त जानकारी के आधार पर त्रुटी रहित समाचार दिए जा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस वैबसाइट का सब्सक्रिप्शन भी नहीं लेना होता। यहाँ उपलब्ध सभी कोंटेंट फ्री होती हैं।
- केंद्र सरकार के साथ ही यहाँ पर मंत्री, मंत्रालय, योजनाएँ, कैबिनेट फैसले और सरकारी घोषणाओं की प्रामाणिक जानकारी मिलाती है।
- इन्फोर्मेशन के अलग इस वेबसाआईटी पर केंद्र सरकार की मान्यता हेतु रजिस्ट्रेशन प्रोसेस, गाइड लाइन, तथा एलिजिबिलिटी समबन्धि सभी जानकारी विस्तार से मिलतीं हैं।
2. GeM (Government e-Marketplace)
- सरकार क्या खरीद रही है, किस कंपनी से खरीद रही है, किस कीमत पर खरीद रही है – इसकी जानकारी मिल सकती है।
- खरीद में अनियमितताओं या संदिग्ध टेंडरों की स्टोरी निकल सकती है।
3. (ई-टेंडर पोर्टल)
- विभिन्न विभागों के टेंडर, बोली लगाने वाली कंपनियाँ, टेंडर की शर्तें और कॉन्ट्रैक्ट की जानकारी।
- घोटाले, फिक्स टेंडर, या एक ही कंपनी को बार-बार काम मिलने जैसी स्टोरी खोजने में मदद।
4. फैक्ट चेक
आज ज़माना इंटरनेट का है, जहाँ पर AI का भी अब काफी इस्तेमाल हो रहा है तो ऐसे में एक रिपोर्टर के लिए किसी खबर को जांचना परखना बेहद जरुरी है। खबर ब्रेक करने या अपनी एडिटोरियल टीम को देने से पहले ये जिम्मेदारी रिपोर्टर की ही होती है कि वो न्यूज़ को हर एंगल से चेक करे कि कहीं वो फेक या किसी एजेंडा को बढाने वाली तो नहीं। जो फैक्ट फोटो विजुअल मिले हैं वो सही हैं या AI की मदद से मोर्फ्ड किये गएँ हैं या फिर जो फैक्ट, फोटो या विडिओ है, वो पुराना तो नहीं या फिर उसे गलत सन्दर्भ में तो यूज़ नहीं किया जा रहा। तो इसके लिए कई वेबसाईट हैं जो ये सुविधा निशुल्क देतीं हैं और कई पेड वेब साइट भी हैं जो फैक्ट चेक की सुविधा देतीं हैं निशुल्क वेबसाइट में pib.nic.in और गूगल आदि शामिल होतीं हैं।
5. PCI
एक पत्रकार के जीवन सबसे बड़ा रोल है जर्नलिस्टिक कोड ऑफ़ कन्डक्ट। एक पत्रकार पूरे जीवन इसी अनुशासन का पालन खुद करता है लेकिन इसके आलावा एक पत्रकार के जीवन में खतरे आरोप-प्रत्यारोप भी जुड़े होते हैं ऐसे में PCI जो कि एक क्व़ासी ज्युडिशियल ऑर्गेनाइजेशन है, एक बड़ा रोल प्ले करते है।
केस ऑफ़ सप्रेशन शिकायत और हेल्प के लिए एक पत्रकार PCI की शरण ले सकता है।
तो ये थीं वो पांच महत्वपूर्ण वेबसाइट जिनकी सहायता से आप बडी आसानी से एक सक्सेसफुल रिपोर्टर बन सकते हैं।
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